Right treatment for constipation

कब्ज का सही इलाज

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कब्ज़ क्या है ?

कब्ज का मतलब है कि मल का त्याग न होना। मल का त्याग कम होना। मल में गांठे निकलना। ज़्यदातर पेट साफ न होना। रोजाना टट्टी नहीं जाना । भोजन पचने के बाद उत्पन्न हुआ मल पूरी तरह से साफ न होना, टट्टी जाने के बाद पेट साफ और हल्का न होना आदि को कब्ज कहते हैं ।

जब भी किसी व्यक्ति को मल कम मात्रा में आता है या मलक्रिया में पीड़ा होती है और पेट में वायु बनती है तो इसे कब्ज का रोग कहा जाता है । जब कब्ज का रोग काफी बिगड़ जाता है तो रोगी के मलद्वार पर दरारे तक पड़ जाती है और घाव बन जाते हैं ।

यदि इस रोग का इलाज जल्दी नहीं कराया जाता तो यह रोग आगे चलकर बवासीर, मधुमेह तथा मिर्गी जैसे रोग को जन्म दे सकता है। इस रोग के कारण शरीर के अन्दर जहर भी बन जाता है। जिसके कारण शरीर में अनेक बीमारी पैदा हो सकती है जैसे- सिरदर्द, थकान, अफारा तथा पेट दर्द आदि । कब्ज से पीड़ित रोगी को मलत्याग करने में बहुत अधिक पीड़ा होती है। इस रोग के कारण से शरीर में कई प्रकार के ओर ज्यादा रोग उत्पन्न हो जाते हैं ।

कब्ज रोग होने के लक्षण क्या है ? 

कब्ज के रोगी को अनेक प्रकार के लक्षण माने जाते हैं ।

जैसे-

  1. पेट में भारीपन होना ।
  2. पेट में दर्द ।
  3. भोजन में अरुचि (भोजन अच्छा न लगना) ।
  4. सुस्ती और बेचैनी ।
  5. जी मिचलाना ।
  6. सिर में दर्द होना ।
  7. पेट में दर्द होना ।
  8. चक्कर आना ।
  9. खांसी, श्वास (दमा) ।
  10. बवासीर (अर्श) आदि ।
  11. कब्ज रोग से पीड़ित रोगी की जीभ सफेद तथा मटमैली हो जाती है ।
  12. कब्ज रोग से पीड़ित रोगी के पेट में गैस अधिक बनती है। पीड़ित रोगी जब गैस छोड़ता है तो उसमें बहुत तेज बदबू आती है ।
  13. कब्ज के रोग से पीड़ित व्यक्ति के मुंह से भी बदबू आती रहती है ।
  14. इस रोग में रोगी को बहुत कम भूख लगती है ।
  15. कब्ज रोग से पीड़ित रोगी के सिर में दर्द भी होता रहता है ।
  16. कब्ज रोग से पीड़ित रोगी को कई प्रकार के और भी रोग हो जाते हैं जैसे- मुंहासे निकलना, मुंह के छाले, अम्लता, चिड़चिड़ापन, गठिया, आंखों का मोतियाबिन्द तथा उच्च रक्तचाप आदि ।

कब्ज होने के क्या कारण है ? 

सामान्य तोर पर यहा बताए गए कारणो के वजह से ही कब्ज होता है। परंतु रोगी यही सब वजह को नजर अंदाज करता है । 

1. खानपान सम्बंधी गलत आदतें जैसे- समय पर भोजन न करना ।
2. बासी और अधिक चिकनाई वाला भोजन खाना ।
3. मैदा आदि से बनाया गया मांसाहारी भोजन खाना ।
4. भोजन में फाइबर की कमी ।
5. अधिक भारी भोजन अधिक खाना ।
6. शौच को रोकने की आदत ।
7. शारीरिक श्रम न करना ।
8. विश्राम की कमी ।
9. मानसिकतनाव (टेंशन) ।
10. आंतों का कमजोर होना ।
11. पानी की कमी ।
12. गंदगी में रहना ।
13. मादक द्रव्यों का सेवन ।
14. एलोपैथी दवाइयों के दुष्प्रभाव के कारण ।
15. भोजन के साथ अधिक पानी पीने ।
16. मिर्च-मसालेदार तथा तले हुए पदार्थ जैसे पूरी-कचौड़ी, नमकीन, चाट-पकौड़े खाने ।
17. अधिक गुस्सा, दुःख आलस्य आदि कारणों से कब्ज हो जाती है ।
18. उरपर दिये गाय कारणो को दूर केरके हम कब्ज को दूर कर सकते है । ओर वह भी बिना किसी दवाई के बिना ।

कब्ज रोग का प्राकृतिक उपचार क्या है ?

            कब्ज के रोग मे दर्दी को दस्त लाने की दवा नहीं लेनी चाहिए। बल्कि कब्ज के कारणो को दूर करके प्राकृतिक उपचार करना चाहिए ।

1. हरी पत्तेदार सब्जी को चब्बा चब्बा कर खाना चाहिए ।
2. ज्यादा से ज्यादा बिना पका हुआ भोजन करना चाहिए ।
3. अंकुरित अन्न का सेवन करने से बहुत फाइदा होता है ।
4. कब्ज के रोग मे व्यक्ति को ज्यादा से ज्यादा फल ओर हरी सब्जी का सेवन करना चाहिए ।
5. गेहु का रस पीने से रोगी को बहुत ज्यादा फाइदा मिलता है।
6. कच्चे पालक का रस हर रोज पीने से कब्ज कुछ ही दिन मे ठीक हो जाता है ।
7. हर रोज सुबह उठते ही 2 से 4 ग्लास पानी पीने के बाद ही चौस के लिए जाना चाहिए ।
8. हर रोज 5 से 10 मिनट्स रनिंग करना चाहिए।
9. भोजन करने के बाद हर रोज 5 से 10 मिनट्स व्रज्रासन करना चाहिए ओर सुबह उठाने के बाद भी वज्रासन करना चाहिए ।
10. रोगी को हर रोज सुभ 2 सेब दांत से सबा सबा कर खाना चाहिए ।
11. व्यक्ति को जब भूख लगे तब ही खाना चाहिए ।
12. जब भी प्यास लगे तब तुरंत पानी पीना चाहिए। काब्ज रोग के समय पानी की मात्र ज्यादा करनी चाहिए ।
13. व्यक्ति को
ब्रह्मचर्य का पालन करना चाहिए।
14. व्यक्ति को हर रोज व्यायाम ओर
प्राणायाम करना चाहिए ।
15. हमेशा खुश रहना चाहिए ।

ऊपर बताए गए पॉइंट आप फॉलो करते है तो आपको कभी भी कब्ज नहीं होंगा। ओर होंगा तो जल्दी ही आप ठीक हो जाएंगे ।

Right treatment for constipation

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